शनिवार, 25 दिसंबर 2021

*🚩श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम🚩*

*🚩जय सत्य सनातन🚩*

 

🌥️ *🚩युगाब्द-५१२३

🌥️ *🚩विक्रम संवत-२०७८*         🌥️ *🚩सप्तर्षि संवत-५०९७*

⛅ *🚩तिथि - चतुर्थी शाम ०६:२७ तक तत्पश्चात पंचमी*

⛅ *दिनांक - २३ दिसम्बर  २०२१*

⛅ *दिन - गुरुवार*

⛅ *शक संवत -१९४३*

⛅ *अयन - दक्षिणायन*

⛅ *ऋतु - शिशिर

⛅ *मासपौस*

⛅ *पक्षकृष्ण

⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा २४ दिसम्बर   रात्रि ०२:४२  तक तत्पश्चात मघा*

⛅ *योग - वैधृति दोपहर १२:१२ तक तत्पश्चात विष्कंभ*

⛅  *राहुकालदोपहर ०१:५९ से शाम ०३:२१ तक*

⛅ *सूर्योदय - ०७:१३*

⛅ *सूर्यास्त - १८:०२*

⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण -*

💥 *विशेष - *चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः २७-२९-३४)*

 

🌷 *तुलसी को पानी अर्पण से पुण्य* 🌷

🌿 *अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए उसकी हवा से भी बहुत लाभ होते हैं और तुलसी को एक ग्लास पानी अर्पण करने से सवा मासा सुवर्ण दान का फल मिलता है।*

 

🌷 *तुलसी पूजन विधि तुलसीनामाष्टक* 🌷

🌿 *तुलसी पूजन विधि* 🌿

 *सुबह स्नानादि के बाद घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें | उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढायें :*

🌷  *महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी*

*आधि व्याधि हरा नित्यम् तुलसी त्वाम् नमोस्तुते*

🌿 *फिरतुलस्यै नम:’ मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत (चावल) पुष्प अर्पित करें तथा वस्त्र कुछ प्रसाद चढायें | दीपक जलाकर आरती करें और तुलसीजी की , ११, २१,५१ १०८ परिक्रमा करें | उस शुद्ध वातावरण में शांत हो के भगवत्प्रार्थना एवं भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करें | तुलसी के पास बैठकर प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है |*

🌿 *तुलसीपत्ते डालकर प्रसाद वितरित करें | तुलसी के समीप रात्रि १२ बजे तक जागरण कर भजन, कीर्तन, सत्संग-श्रवण जप करके भगवद-विश्रांति पायें | तुलसीनामाष्टक का पाठ भी पुण्यदायक है | तुलसीपूजन अपने नजदीकी आश्रम या तुलसी वन में अथवा यथाअनुकूल किसी भी पवित्र स्थान में कर सकते हैं |* 

🌷 *तुलसीनामाष्टक* 🌷

*वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनी विश्वपूजिताम् |*

*पुष्पसारां नन्दिनी तुलसी कृष्णजीवनीम् ||*

*एतन्नामाष्टकं चैतत्स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् |*

*: पठेत्तां संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ||*

🌿 *भगवान नारायण देवर्षि नारदजी से कहते हैं : “वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनीये तुलसी देवी के आठ नाम हैं | यह सार्थक नामावली स्तोत्र के रूप में परिणत है |*

🌿 *जो पुरुष तुलसी की पूजा करके इस नामाष्टक का पाठ करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है | ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृति खण्ड :२२.३२-३३)*

🕉️

कोई टिप्पणी नहीं:

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट में ...