पीठ ने कहा यहां मामला यह है कि क्या अन्य सदस्यों की पोस्ट के लिए व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को अपराधिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा सकता है या नहीं। कोई आपत्तिजनक पोस्ट करता है। जिस पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। तो उस व्यक्ति को ही जिम्मेदार माना जाएगा। ग्रुप एडमिन को तब तक जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता जब तक यह साबित ना हो कि आपत्तिजनक पोस्ट पर उनका इरादा एक ही था या यह पहले से ही तय था।
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