असम में 30 दिसंबर को एक बिल पास हुआ है। इस बिल को 13 दिसंबर को ही कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। विधानसभा में पास होते ही बिल अब कानून बन चुका है। इस कानून के तहत 1 अप्रैल 2021 से राज्य के सभी सरकारी मदरसे और संस्कृत केंद्रों को बंद कर दिया जाएगा। इसके पीछे असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने तर्क दिया कि उनकी सरकार धार्मिक शिक्षा के लिए सरकारी फंड खर्च नहीं कर सकती, क्योंकि धर्मनिरपेक्ष सरकार का काम धार्मिक शिक्षा देना नहीं है। लेकिन, सवाल ये भी है कि असम में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, ऐसे में इसे एक बड़ा चुनावी दांव भी कहा जा रहा है।
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