शनिवार, 16 जनवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६, ⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩 तिथि - तृतीया सुबह 07:45 तक तत्पश्चात चतुर्थी

⛅ दिनांक 16 जनवरी 2021

⛅ दिन - शनिवार

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - पौष

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - शतभिषा 17 जनवरी प्रातः 06:10 तक तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद

⛅ योग - व्यतिपात रात्रि 07:12 तक तत्पश्चात वरीयान्

⛅ राहुकाल - सुबह 10:04 से सुबह 11:26 तक

⛅ सूर्योदय - 07:19 

⛅ सूर्यास्त - 18:17 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी

 💥 विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

💥 ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')

💥 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')

💥 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)


🌷 खांसी में 🌷

😪 अब ठंडी  के दिन हैं, सर्दी की शिकायत होगी, खांसी व कफ की शिकायत होगी l दायें नथुने से श्वास लिया और रोका l एक से सवा मिनट श्वास रोका और मन में जप करो "नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमंत बीरा" l फिर बायें नथुने से श्वास निकाल दो l जिसको सर्दी है तो ४ से ५ बार करें, ज्यादा नहीं l लेकिन सूखी खांसी हो तो वे लोग ये प्राणायाम ना करें l

😩 सूखी खांसी में घी के मालपुए बनाकर दूध में डूबो दो l २ घंटे तक डूब जाएँ, फिर वो मालपुए खा लो l सूखी खांसी में आराम होगा l


🌷 ह्रदय रोग की सरल व अनुभूत चिकित्सा 🌷

🌵 १ कटोरी लौकी के रस में पुदीने व तुलसी के ७-८ पत्तों का रस, २-४ काली मिर्च का चूर्ण व १ चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पियें l इससे ह्रदय को बल मिलता है और पेट की गड़बडियां भी दूर हो जाती हैं l

🍋 नींबू का रस, लहसुन का रस, अदरक का रस व सेवफल का सिरका समभाग मिलाकर धीमी आंच पर उबालें l एक चौथाई शेष रहने पर नीचे उतारकर ठंडा कर लें l तीन गुना शहद मिलाकर कांच की शीशी में भरकर रखें l प्रतिदिन सुबह खाली पेट २ चम्मच लें l इससे Blockage खुलने में मदद मिलेगी l

अगर सेवफल का सिरका न मिले तो पान का रस, लहसुन का रस, अदरक का रस व शहद प्रत्येक १-१ चम्मच मिलाकर लें l इससे भी रक्तवाहिनियाँ साफ़ हो जाती हैं l लहसुन गरम पड़ता हो तो रात को खट्टी छाछ में भिगोकर रखें l

🍲 उड़द का आटा, मक्खन, अरंडी का तेल व शुद्ध गूगल समभाग मिलाके रगड़कर मिश्रण बनालें l सुबह स्नान के बाद ह्रदय स्थान पर इसका लेप करें l २ घंटे बाद गरम पानी से धो दें l इससे रक्तवाहिनियों में रक्त का संचारण सुचारू रूप से होने लगता है l

🍮 १ ग्राम दालचीनी चूर्ण एक कटोरी दूध में उबालकर पियें l दालचीनी गरम पड़ती हो तो १ ग्राम यष्टिमधु चूर्ण मिला दें l इससे कोलेस्ट्रोल के अतिरिक्त मात्रा घट जाती है l

🍝 भोजन में लहसुन, किशमिश, पुदीना व हरा धनिया की चटनी लें l आवलें का चूर्ण, रस, चटनी, मुरब्बा आदि किसी भी रूप में नियमित सेवन करें l

🍶 औषधि कल्पों में स्वर्ण मालती , जवाहरमोहरा पिष्टि, साबरशृंग भस्म, अर्जुन छाल का चूर्ण, दशमूल क्वाथ आदि हृदय रोगों का निर्मूलन करने में सक्षम है l🕉️

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