प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब डेढ़ वर्ष बाद होने है, लेकिन कांग्रेस नेताओं की तैयारी शुरू हो गई है। जनता से मिलना-जुलना बढ़ गया है। एक दूसरे की पार्टी पर सवाल उठाने भी तेज हो गए हैं। टिकट पाने के लिए अपनी-अपनी दावेदारी भी पेश करने लगे हैं। दीवारों को रंग कर पार्टी और खुद का प्रचर और शहर को गन्दा क्र रहे है। कुछ खुद को भावी विधायक बताने लगे हैं। पोस्टर और होर्डिंग से भी शुभकामनाओं के संदेश जगह-जगह चस्पा कर रहे हैं। इस बीच शहर की खूबसूरती का ख्याल किसी के भी मन में नहीं आ रहा है।
कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, बसपा हो या सत्ताधारी पार्टी भाजपा हर किसी के नेता बस अपना नाम चमकाने में लगे हुए हैं। एक तरफ से स्वच्छता के मामले में शहर को देश का नंबर वन शहर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। तो किसी और बधाईयों के जरिए शहर को गंदा किया जा रहा है।
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