मध्यप्रदेश की मंत्री इमरती देवी पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की टिप्पणी के मुद्दे को भाजपा छोड़ने के मूड में नहीं है। ऐसे में अब नाथ पर हमले तेज कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमलनाथजी की निर्लज्जता की पराकाष्ठा है। बहन इमरती देवी के आंसू पूरे देश ने देखे हैं इसलिए वे किंतु-परंतु करने पर विवश हुए हैं, लेकिन यह माफी नहीं, उससे भी बड़ा पाप है। यह कमलनाथजी का अहंकार है। वे अपने से श्रेष्ठ किसी को नहीं मानते हैं। आखिर वे सीधे-सीधे माफी क्यों नहीं मांगते हैं? इधर, राहुल गांधी के नाराजगी वाले बयान के बाद भी कमलनाथ अपनी बात पर कायम हैं।
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