इसे भारत के डीआरडीओ ने रूस के एनपीओ मैशिनोस्ट्रोनिया (एनपीओएम) के साथ मिलकर तैयार किया है। ब्रह्मोस उन चुनिंदा सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल हैं जो भारतीय वायुसेना और नौसेना के बेड़े में शामिल है। नए संस्करण का प्रपुल्शन सिस्टम, एयरफ्रेम, पावर सप्लाई समेत कई अहम उपकरण देश में ही विकसित किए गए हैं। यह मुख्य तौर पर पनडुब्बियों, जहाजों और नौकाओं को निशाना बनाने में मददगार साबित होगी।
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