गुरुवार, 2 जुलाई 2020

जनता के पैसे से गैर-मुस्लिमों के लिए मंदिर क्यों?: पाकिस्तानी जनता

 पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पहला मंदिर बनाए जाने का विरोध शुरू हो गया है। मजहबी शिक्षा देने वाले संस्थान जामिया अशर्फिया ने मंगलवार को कहा- मंदिर निर्माण इस्लाम के खिलाफ है। इस संस्थान ने मंदिर बनाने के खिलाफ फतवा भी जारी कर दिया। पिछले हफ्ते ही मंदिर की नींव रखी गई थी। प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसके लिए 10 करोड़ रुपए की मंजूरी भी दी थी।


जामिया अशर्फिया की लाहौर यूनिट के प्रमुख मुफ्ती जियाउद्दीन ने कहा- अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों की मरम्मत पर सरकारी धन खर्च करने की अनुमति है, लेकिन गैर-मुस्लिमों के लिए मंदिर या नए धार्मिक स्थल बनाने की मंजूरी नहीं दी गई है। लोगों के टैक्स के पैसे को अल्पसंख्यकों के लिए मंदिर निर्माण में खर्च करना सरकार के फैसले पर सवाल खड़े करता है। 


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Police vehicle without number plate... would anyone dare to issue challan of this vehicle....

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