मोहसिन रजा ने कहा- कुछ साल पहले अखिलेश बच्चों को लैपटॉप बांट रहे थे। लेकिन इसके पीछे उनकी मंशा अपनी पार्टी के प्रचार की थी। वर्चुअल की नहीं थी। वे नहीं चाहते थे कि, बच्चे इस टेक्नोलॉजी से पढ़ें। जब देश में कंप्यूटर आ रहा था तब मुलायम सिंह ने विरोध किया था। कहा था कि, कंप्यूटर से देश बर्बाद हो जाएगा। अब आपने डिजिटल का विरोध किया। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि, इससे धन व समय दोनों का दुरुपयोग बच रहा है। लेकिन आप नहीं समझेंगे। सात करोड़ की बस बनवाकर उससे प्रचार करने निकले थे। लेकिन वह 50 मीटर भी नहीं चली। जनता के सात करोड़ रुपए को बर्बाद किया। भाजपा हर चीज का सही इस्तेमाल करना जानती है। हमनें संकटकाल में लोगों को सुरक्षा देने के लिए उन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए वर्चुअल रैली कर रहे हैं। लेकिन असल में ये आपकी खता नहीं है। ये राहुल गांधी जी के साथ का असर है। इसलिए कंफ्यूजन हो गए हैं। कंफ्यूजन को दूर करिए नहीं तो आप घर की महिलाएं बहुत तेज हो गई हैं। उनसे ही कुछ सीख ले लीजिए।
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