राजकीय बालिका संवासिनी गृह में 57 लड़कियां कोरोना संक्रमित मिली हैं, इनमें से 7 नाबालिग लड़कियों के गर्भवती मिलने से सवाल उठने लगे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाईलेवल जांच की मांग उठाई है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को संज्ञान में लिया तो जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिला प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शेल्टर होम में आने वाली लड़कियां पहले से गर्भवती थीं। इनके बैक हिस्ट्री के दस्तावेज शेल्टर होम के रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित हैं। अभी होम सील है। मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत रिकॉर्ड रूम से दस्तावेज निकाले जाएंगे। सभी बिंदुओं की जांच होगी। हालांकि, ये लड़कियां कोरोना से संक्रमित कैसे हुईं? अभी इसका जवाब नहीं मिल सका है। मामले में राज्य महिला आयोग ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट में ...
-
धर्मपरिवर्तन का बनाया दबाव कानपुर में बजरिया निवासी युवक ने धर्म छिपाकर छात्रा से दोस्ती की। फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बा...
-
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बंद घरों में चोरी करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया हैं। इनके पास से सोने के जेवर...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें