डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि डेक्सामेथासोन कोरोना का इलाज या बचाव नहीं है। इसका इस्तेमाल डॉक्टरों की देखरेख में सिर्फ गंभीर मरीजों पर किया जाना चाहिए। डब्ल्यूएचओ के अधिकारी डॉ. माइकल रेयान ने बुधवार को कहा- ज्यादा पावर वाले स्टेरॉइड मानव शरीर में वायरस की संख्या तेजी से बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि यह दवा सिर्फ बेहद गंभीर मरीजों को दी जाए जिनको इससे स्पष्ट रूप से लाभ हो रहा है। डेक्सामेथासोन इनफ्लेमेशन की जानी-मानी दवा है।
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