उत्तर प्रदेश के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नौकरी करने के फर्जीवाड़े में नया खुलासा हुआ है। जिस अनामिका सिंह को पुलिस ने शनिवार को कासगंज से पकड़ा है, उसका असली नाम प्रिया जाटव है। स्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में संविदा पर लगने वाली नौकरी में दस्तावेज की जांच नहीं होती है। साक्षात्कार के दौरान ही असली अभिलेख देखे जाते हैं। चयन मेरिट के आधार पर होता है। ऐसे में अनामिका के दस्तावेजों को आधार बनाया, क्योंकि इसमें ग्रेजुएशन को छोड़ कर हाईस्कूल से इंटर तक 76 फीसद से ज्यादा अंक हैं। जनपद कासगंज में पकड़ी गई कथित अनामिका (असली नाम प्रिया जाटव) के अनुसार, उसकी मुलाकात गोंडा के रघुकुल विद्यापीठ में बीएससी करते वक्त ही मैनपुरी निवासी राज नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसने प्रिया को नौकरी की सलाह दी। एक लाख रुपए में दस्तावेज पर नौकरी लगवाने का वायदा किया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें