शुक्रवार, 22 मई 2020

वेद मे वर्णित सोलह प्रकार की माताएं

वैवर्तपुराण में वेद द्वारा बताई गई सोलह माताएं हैं-गर्भ धारण करने वाली, स्तनपान कराने वाली, भोजन देने वाली, गुरु की भार्या, इष्टदेव की पत्नी, सौतेली मां, सौतेली बहन, सगी बड़ी बहन, पुत्रवधू, सास, नानी, दादी, भाभी, मौसी, बुआ व मामी। आध्यात्मिक ग्रंथों में गंगा, यमुना, गायत्री, तुलसी, पृथ्वी, गौ को वैष्णवी माता की संज्ञा दी गई है। माता मंदालसा, सुनीति और सुमित्रा विश्व की आदर्श माताएं हैं। मंदालसा ने पुत्रों को बाल्यकाल में ही विषयों के प्रति वैराग्य का उपदेश देकर आत्मज्ञान का बोध कराया। सुनीति ने पांच वर्षीय ध्रुव को वन में भेजकर भगत्व प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त किया। सुमित्रा ने लक्ष्मण को वनवास हेतु राम के साथ भेजकर भ्रातृ-धर्म का आदर्श प्रस्तुत किया।


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