मंगलवार, 19 मई 2020

तालिबान: कश्मीर भारत का आंतरिक मामला

तालिबान ने सोमवार को सोशल मीडिया के तमाम उन दावों को नकारा है कि, जिसमें कहा जा रहा था कि वह कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद में शामिल हो सकता है। उसने कहा है कि तालिबान की स्पष्ट नीति है कि वह दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्ताक्षेप नहीं करता है। 
अफगानिस्तान में इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘कश्मीर में जिहाद में तालिबान के शामिल होने वाली खबरें गलत हैं। इस्लामिक अमीरात की नीति स्पष्ट है कि यह अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है।’’ इस्लामिक अमीरात को तालिबान की पॉलिटिकल विंग माना जाता है।
सोशल मीडिया पर नज़र रखने वाले अधिकारियों ने दावा किया था कि तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि कश्मीर विवाद का हल होने तक भारत के साथ दोस्ती करना असंभव है। इसके साथ ही उसने काबुल में कब्जा करने के बाद कश्मीर पर कब्जा करने की बात कही थी।


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