नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) की शुरुआती जांच में रेमडेसिविर ड्रग के ट्रायल का पॉजिटिव रिजल्ट आया है। इससे प्लासीबो दवाई दिए जाने वाल मरीजों की तुलना में 31% ज्यादा मरीज ठीक हुए हैं। रिसर्चर्स का कहना है कि जितने लोगों को रेमडेसिविर दी गई उनमें 8% लोग नहीं बचाए जा सके। वहीं, जिन्हें प्लेसीबो दी गई, उनमें 11% मरीज नहीं बचे। डॉक्टर्स का कहना है कि अभी रेमडेसिविर संक्रमण के इलाज में कितना कारगर है, इसकी अभी और पुष्टि की जानी है।
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