गुरुवार, 7 मई 2020

पाकिस्तान चीन का पार्टनर नहीं, उसकी कॉलोनी बनेगा:

पाकिस्तानी जल्द ही यह महसूस करेंगे कि उन्होंने कितना खतरनाक सौदा किया: डॉ. माइकल रुबिन



पाकिस्तान के अमेरिका से बिगड़ते संबंध और चीन से बढ़ती दोस्ती पर अमेरिकी रक्षा विभाग के एक पूर्व अधिकारी ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान चीन का पार्टनर नहीं बल्कि कॉलोनी (उपनिवेश देश) बनता जा रहा है। पेंटागन के एक पूर्व अधिकारी डॉ. माइकल रुबिन ने कहा है कि पाकिस्तान ने चीन से हाथ मिलाना तब शुरू किया जब अमेरिका और भारत में दोस्ती बढ़ रही थी। पाकिस्तान का मानना है कि चीन उनका ऐसा साथी है जो लाइन ऑफ कंट्रोल से भारत की जवाबी कार्रवाई को थाम सकता है। साथ ही चीन कभी पाकिस्तानी भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यकों की खराब हालत और मानवाधिकारों का खस्ताहाल होने पर पाकिस्तान की आलोचना भी नहीं करता। इसके साथ ही चीन के लिए पाकिस्तान एक बड़ा मार्केट है जो पश्चिम एशिया के देशों और ग्वादर में  रणनीतिक बंदरगाह तक पहुंच दे सकता है।  जबकि पाकिस्तान को यह पता नहीं कि क़र्ज़ के बदले धीरे धीरे वह चीन की कॉलोनी बनता जा रहा है।  



नेशनल इंटरेस्ट की ओर से प्रकाशित आर्टिकल में रुबिन ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी जल्द ही यह महसूस करेंगे कि उनके देश ने कितना खतरनाक सौदा किया है। पाकिस्तान ने एक ऐसे देश से समझौता किया है, जिसने धर्म के आधार पर दस लाख उइगर मुसलमानों को कैंपों में कैद कर रखा है।  पाकिस्तानियों के मरने और उनके अपमानित होने पर चीन को कोई फर्क नहीं पड़ता है ।’’गिलगिट-बाल्टिस्तान, पीओके, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान के लोगो का मानना है कि इस क्षेत्र में चीनियों की मौजूदगी से महामारी आग की तरह फैलेगी।  सीपेक में 10 से 15 हजार चीनी कर्मचारी काम करते हैं। 


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