सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने लिपुलेख दर्रे से 5 किलोमीटर पहले तक सड़क निर्माण पर नेपाल की आपत्ति पर हैरानी जताई है। नरवणे ने चीन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि संभावना है कि नेपाल ऐसा किसी और के कहने पर कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे इसमें कोई विवाद नहीं दिखता। कैलाश मानसरोवर तक की यात्रा बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में चीन-नेपाल बॉर्डर के पास तक सड़क बनाई जा रही है।
जनरल नरवणे ने कहा कि नेपाल के राजदूत भी मानते हैं कि काली नदी के ईस्ट साइड का एरिया उनका है। इसे लेकर कोई विवाद नहीं है। जो रोड बनी है, वह नदी के पश्चिम की तरफ बनी है। तो मुझे नहीं पता कि वह असल में किस चीज को लेकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्राई जंक्शन यानी भारत, नेपाल और चीन का बॉर्डर पर हो सकता है कि कभी कोई छोटा-मोटा विवाद रहा हो।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें