देश के बैंकों ने 50 बड़े विलफुल डिफाल्टर्स का 68,607 करोड़ रुपए का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया है. इस पूरे मसले पर कांग्रेस, मोदी सरकार पर हमलावर है. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सरकार से लोन डिफाल्टर्स की लिस्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि हमें 2004, 2004-14 और 2014 के बाद के लोन डिफाल्टर्स की लिस्ट दी जाए. पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि मैंने सरकार से एनपीए पर तीन हिस्सों में जानकारी मांगी थी, जबकि इस डेटा को छिपाया गया है. सरकार की कोशिश यह दिखाने की है कि यह सभी लोन 2014 से पहले दिए गए हैं. भारत में रह रहे डिफॉल्टर्स और विलफुल डिफॉल्टर्स हैं, लेकिन जो भगोड़े हैं, उन पर भी सरकार एक ही नियम क्यों लागू कर रही है.'
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