नौलखा क्षेत्र स्थित एक निजी गर्ल्स होस्टल। यहां करीब 22 छात्राएं रह रही हैं। यहां की मेस में एक व्यक्ति सर्दी-खांसी और हलके बुखार में भी खाना बना रहा था। किसी शंका के चलते डरी हुई छात्राओं ने एनजीओ से संपर्क किया। उक्त संस्था ने पुलिस की मदद से उस व्यक्ति से खाना बनवाना रुकवाया और सीधे अस्पताल भेजा।
हालांकि डाॅक्टरों ने साधारण बुखार बताया। लाॅकडाउन के चलते कोई साधन नहीं होने से बाहर से आए सैकड़ों छात्र-छात्राएं यहीं फंस गए थे, जिन्हें भी इसी एनजीओ आयुष लोक कल्याण संस्था ने उनके घरों तक पहुंचाया। दरअसल वाट्सएप पर मदद के लिए सैकड़ों मैसेज चल रहे थे। इसी दौरान युवाओं की इस संस्था ने ऐसे विद्यार्थियों की मदद का बीड़ा उठाया। हफ्तेभर में इन युवाओं ने 200 छात्र-छात्राओं को भोपाल, जबलपुर, रीवा और अन्य शहरों तक पहुंचाया।
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