पुलिस भीड़ को एक ओर से खदेड़ती तो उपद्रवी दूसरी जगह से आकर बवाल शुरू कर देते। जगह-जगह उपद्रवी धार्मिक पहचान करने के बाद एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। यहां तक कि उन्होंने एक-दूसरे के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया था। सहमे हुए लोग बार-बार पुलिस को कॉल कर रहे थे, लेकिन वहां से भी उनको मायूसी ही हाथ लग रही थी।
भीड़ में ही मौजूद लोग धार्मिक नारेबाजी कर लोगों को उकसाने का काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध और समर्थन ने अब सांप्रदायिक दंगे का रंग ले लिया है। जिन मोहल्लों में दूसरे समुदाय के एक या दो घर हैं, वे इन्हें छोड़कर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। लोगों का कहना था कि इतनी भयानक दिल्ली उन्होंने अब तक नहीं देखी थी।
बुधवार, 26 फ़रवरी 2020
धार्मिक पहचान करने के बाद एक-दूसरे पर हमला
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