नोएडा। जीरो पीरियड के मामले पर फैसला लेकर प्रदेश सरकार ने बिल्डरों को बड़ी राहत दी है, लेकिन फैसले ने फ्लैट खरीदारों के जख्मों को खुरेदकर हरा करने का काम किया है। निवेशकों ने इस फैसले को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जीरो पीरियड का लाभ जिले के चार बड़े बिल्डर आम्रपाली, जेपी इंफ्राटेक, यूनीटेक, थ्री सी की दर्जनों परियोजनाएं को नहीं मिलेगा, सभी बिल्डरों की परियोजनाएं अदालती मामलों में फंसी हैं। इसमें लाखों खरीदारों का पैंसा फंसा है। खरीदार सरकार से मांग रहे हैं कि वह बिल्डरों को स्ट्रेस फंड जारी करें, जिससे आम आदमी को उसका आशियाना मिलने की उम्मीद जग सके, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्ट्रेस फंड को लेकर आम्रपाली मामले पर 13 दिसंबर तक सरकार से जवाब तलब किया है कि वह अपना रूख स्पष्ट करे।
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