लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी में अनुशासन को शीर्ष पर रखने की पार्टी मुखिया मायावती की वरीयता अब पार्टी के लिए मुसीबत बन रही है। मायावती का पार्टी के नेता के साथ कार्यकर्ता पर अनुशासन के नाम पर सख्त रवैया पार्टी में बाहर से आने वाले लोगों के कदम खींच रहा है। एक माह में दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने से संगठनात्मक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। संगठन का हाल देखकर बसपा नेतृत्व ने विधान परिषद स्नातक व शिक्षक क्षेत्र निर्वाचन से किनारा कर लिया है। इतना ही नहीं, अगले वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी भी ठप पड़ी है।
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