सिबल की ओर से बुधवार को चिदंबरम की जमानत से इंकार करने के हाईकोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए दलील दी गई थी कि चिदंबरम क्या रंगा बिल्ला जैसे अपराधी है जो उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। गुरुवार जवाब देते हुए तुषार मेहता के कहा की क्या रंगा बिल्ला जैसे अपराधी होने पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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